अश्विनी वैष्णव ने भावनगर में किया ‘विकसित भारत संवाद’, वंदे भारत ट्रेन को बताया स्वदेशी तकनीक की मिसाल

भावनगर। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 3 अगस्त 2025 को भावनगर में व्यापारियों, कारोबारियों, उद्योगपतियों और प्रमुख नागरिकों के साथ ‘विकसित भारत संवाद’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन इस्कॉन फर्न में किया गया। इस दौरान श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुखभाई मांडविया और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन बांभानिया भी मौजूद रहीं।

भारत की अर्थव्यवस्था पर रेल मंत्री ने रखा पक्ष

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर में गिरावट आई, जबकि भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2025 तक भारत की अर्थव्यवस्था **331 लाख करोड़ रुपये** की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।

रेल मंत्री ने भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अब इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले एक दशक में भारत करीब 150 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण** के साथ एक प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आया है। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया।

 वंदे भारत को बताया स्वदेशी ट्रेन

रेल मंत्री ने वंदे भारत ट्रेन की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए इसे पूरी तरह स्वदेश निर्मित और आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्वस्तरीय ट्रेन बताया। उन्होंने नागरिकों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के राष्ट्रीय प्रयासों में भागीदारी की अपील की।

भावनगर में कंटेनर पोर्ट की घोषणा

‘विकसित भारत संवाद’ के दौरान भावनगर के स्थानीय उद्योगपतियों और नागरिकों ने क्षेत्र की समस्याओं तथा बुनियादी ढांचे से जुड़ी जरूरतों को रेल मंत्री के सामने रखा। एफटीआर से जुड़े सवाल पर उन्होंने भविष्य में संबंधित समस्या नहीं होने का आश्वासन दिया।

उन्होंने भावनगर में कंटेनर बंदरगाह विकसित करने की घोषणा भी की। इसके अलावा भावनगर में एसटीपीआई के माध्यम से आईटी पार्क स्थापित करने की मांग पर उन्होंने संबंधित अधिकारी से फोन पर बातचीत की और सुविधा को मंजूरी दिलाने के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर व्यापारियों, उद्योगपतियों और नागरिकों ने रेल मंत्री का सम्मान किया।

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