पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग का संदेश
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच देश में ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग की पहल तेज हो गई है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने काफिले में चलने वाली गाड़ियों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक कटौती कर एक बड़ा संदेश दिया है। बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री के काफिले में जहां पहले दर्जनों वाहन नजर आते थे, वहीं इस बार केवल दो गाड़ियां दिखाई दीं।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपील की कि पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए अनावश्यक खर्चों और संसाधनों के उपयोग को कम किया जाए। इसके बाद गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh और स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda समेत कई केंद्रीय मंत्रियों के काफिलों में भी वाहनों की संख्या घटाई गई।
प्रधानमंत्री की इस पहल का असर भाजपा शासित राज्यों में भी देखने को मिला। Uttar Pradesh, Haryana, Rajasthan, Uttarakhand और Bihar की सरकारों ने भी काफिलों को छोटा करने, ‘नो व्हीकल डे’ लागू करने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने जैसे फैसले लिए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini सप्ताह में एक दिन बिना सरकारी वाहन के काम करेंगे, जबकि बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary इलेक्ट्रिक कार से सफर करते नजर आए।
एसपीजी के अनुसार सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया है और “ब्लू बुक” के दिशा-निर्देशों के तहत ही काफिलों को तर्कसंगत बनाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह कदम आर्थिक कटौती नहीं, बल्कि जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन का हिस्सा है।
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