मोदी सरकार ने खेलों को बनाया राष्ट्रीय प्राथमिकता, भारत की खेल उपलब्धियां ऐतिहासिक: तरुण चुघ
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि इससे विकसित भारत के संकल्प को और मजबूती मिली है।
जनसेवा और सुशासन पर प्रधानमंत्री का जोर
तरुण चुघ के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के दौरान जनसेवा, सुशासन, संसदीय गरिमा और युवाओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
रोजगार और सामाजिक सुरक्षा में उपलब्धियां
चुघ ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। उनके अनुसार, पिछले एक दशक में करीब 17.1 करोड़ नए रोजगार सृजित हुए हैं, जबकि बेरोजगारी दर घटकर लगभग 3.1 प्रतिशत रह गई है। वहीं, 101 करोड़ से अधिक नागरिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आए हैं।
युवाओं को सशक्त बना रही सरकार की योजनाएं
उन्होंने स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, पीएम मुद्रा योजना, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई), पीएम विकास भारत रोजगार योजना और एक करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम जैसी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का विकास मॉडल समावेशी विकास पर आधारित है।
खेलों को राष्ट्रीय प्राथमिकता
तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाकर देश में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स), अस्मिता लीग, नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट और खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण जैसी पहलों से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 39 पदक
चुघ ने कहा कि भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 39 पदक, जिनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल हैं, जीते। उन्होंने बताया कि एशियाई खेलों में भी भारत का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। भारत ने 2014 में 57 पदक जीते थे, जबकि 2022 में यह संख्या बढ़कर 107 हो गई।
ओलंपिक की मेजबानी के लिए प्रयास
उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। 2029 में वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी से जुड़े प्रयास जारी हैं। इसके अलावा, 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत ने बोली लगाई है।
चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा परिवर्तन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के नागरिकों के विश्वास, आकांक्षाओं और सामर्थ्य से जुड़ा परिवर्तन है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत का संकल्प जल्द साकार होगा।
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