प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से फहराया तिरंगा, 2047 तक विकसित भारत का संकल्प
देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के साथ मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन भी हुआ। इस वर्ष के आयोजन में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और इस लक्ष्य में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में करोड़ों देशवासियों के संकल्प, समर्पण और प्रयासों से भारत ने कई क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि कभी भारत को दुनिया की कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन अब देश तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री के अनुसार, करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
संकटों से मुकाबला और आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी, यूक्रेन और पश्चिम एशिया संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपनी व्यवस्थाओं और नीतियों के बल पर कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय टीके, ईंधन, गैस, डीजल और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समय रहते कदम उठाए गए।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब नए संसाधनों की खोज पर जोर दे रहा है। जिन अपतटीय क्षेत्रों में पहले गतिविधियों पर प्रतिबंध था, उनमें से 99 प्रतिशत क्षेत्र खोल दिए गए हैं। सरकार 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने की दिशा में काम कर रही है। चालू दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
व्यापार, एआई और युवाओं पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद भारत ने 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इससे भारतीय कारोबार और निर्यात के लिए नए बाजार खुले हैं। उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया।
सरकार अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लागत, गुणवत्ता और कौशल के क्षेत्र में भारत को लगातार मजबूत करना होगा।
शिक्षा और खेल को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने गांवों, शहरों और स्कूलों में 15 वर्ष तक के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान के लिए प्रतिभा खोज अभियान चलाने की घोषणा की। चयनित बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा भी की गई। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिलेंगे और परिवारों पर कोचिंग का आर्थिक बोझ कम होगा।
महिलाओं की भागीदारी और नक्सलवाद पर बयान
प्रधानमंत्री ने संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को देश के नीति निर्माण में अधिक अवसर मिलना चाहिए।
नक्सलवाद को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सली और माओवादी हिंसा अपने अंतिम चरण में है तथा प्रभावित क्षेत्रों में विकास और विश्वास का वातावरण मजबूत हो रहा है।
सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले सात-आठ वर्षों में लगभग आठ सेमीकंडक्टर संयंत्र काम शुरू कर सकते हैं। वर्तमान में देश में तीन संयंत्रों में सेमीकंडक्टर निर्माण हो रहा है। उन्होंने इसे तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
महत्वपूर्ण खनिजों को आधुनिक तकनीक के लिए जरूरी बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर काम किया जा रहा है।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बढ़ावा, 15 वर्ष तक के बच्चों की होगी पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि गांवों, शहरों और स्कूलों में 15 वर्ष तक के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान के लिए विशेष प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत चयनित बच्चों को अच्छे खिलाड़ी के रूप में तैयार करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत खेल की दुनिया में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। भारत वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी करेगा। सरकार का लक्ष्य देश की युवा खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराना है।
रेलवे विद्युतीकरण और विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने रेलवे विद्युतीकरण की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2015 तक लगभग 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क विद्युतीकृत था, जबकि पिछले दशक में यह आंकड़ा 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे डीजल आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।
प्रधानमंत्री ने देश में आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि भारत को आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाने के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने होंगे।
उन्होंने अगले दशक में फॉर्च्यून-500 में कम से कम 50 भारतीय कंपनियों को शामिल करने, एक भारतीय बैंक को दुनिया के पांच बड़े बैंकों में स्थान दिलाने और एक भारतीय दवा कंपनी को दुनिया की शीर्ष पांच दवा निर्माता कंपनियों में शामिल करने जैसे लक्ष्य सामने रखे।
प्रधानमंत्री ने ‘सप्तधारा’ की शक्ति के साथ देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान करते हुए कहा कि अगले पांच से सात वर्षों में भारत वह उपलब्धियां हासिल कर सकता है, जिन्हें पूरा करने में पिछली कई दशकों की अवधि लगी है। 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य देश की सामूहिक शक्ति, युवा ऊर्जा, तकनीक और आत्मनिर्भरता के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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