दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए बड़ा एक्शन, 2027 से केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर होंगे रजिस्टर्ड

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए Commission for Air Quality Management (सीएक्यूएम) ने कई बड़े फैसले लिए हैं। आयोग की 28वीं बैठक में पराली जलाने पर सख्ती, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण जैसे अहम मुद्दों पर निर्णय लिए गए।

सीएक्यूएम ने फैसला किया है कि 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल एल-5 श्रेणी के इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलरों का ही पंजीकरण होगा। इसके बाद 2028 से गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और सोनीपत में भी यही नियम लागू होगा, जबकि 2029 से पूरे एनसीआर में इसे लागू कर दिया जाएगा। आयोग के अनुसार वाहन क्षेत्र पीएम2.5 प्रदूषण का बड़ा स्रोत बन चुका है, इसलिए स्वच्छ परिवहन की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।

आयोग ने यह भी तय किया कि 1 अक्टूबर 2026 से पूरे एनसीआर में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। इससे वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

बैठक में पंजाब और हरियाणा में बढ़ती पराली जलाने की घटनाओं पर चिंता जताई गई। आयोग ने राज्य सरकारों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही दिल्ली-एनसीआर में 46 नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने की योजना पर भी चर्चा हुई, जिससे कुल निगरानी स्टेशनों की संख्या 157 हो जाएगी।

सीएक्यूएम ने वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 4.60 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य भी तय किया है। आयोग का कहना है कि इन कदमों से दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

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