नई दिल्ली, 27 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा लिखे गए एक महत्वपूर्ण लेख को साझा करते हुए वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान सुरक्षित, लचीले, न्यायसंगत और टिकाऊ वैश्विक ऊर्जा भविष्य के केंद्र में ‘ग्लोबल साउथ’ को स्थापित करने के लिए प्रयासरत है।
प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि भारत का दृढ़ विश्वास है कि मजबूत ऊर्जा प्रणालियां केवल प्रभावी घरेलू नीतियों से ही नहीं, बल्कि सशक्त अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से भी विकसित होती हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के लिए वैश्विक सहयोग बेहद आवश्यक है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने लेख में ऊर्जा क्षेत्र में विकासशील देशों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने और ऊर्जा क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ऊर्जा परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भविष्य की ऊर्जा रणनीति का प्रमुख आधार बताया।
भारत की यह पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी, बल्कि विकासशील देशों को वैश्विक ऊर्जा नीति निर्माण में अधिक प्रभावी भागीदारी का अवसर भी प्रदान करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत ऊर्जा सुरक्षा, हरित ऊर्जा और सतत विकास के मुद्दों पर महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी भूमिका निभा सकता है।
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