नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में म्यांमार संघ गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम यू मिन आंग ह्लाइंग का औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत और म्यांमार के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों की मित्रता आपसी विश्वास और सहयोग की मजबूत नींव पर आधारित है।
राष्ट्रपति ने कहा कि म्यांमार दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुंचने के लिए भारत का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है और यह एकमात्र आसियान देश है जिसकी जमीनी सीमा भारत से लगती है। उन्होंने कहा कि म्यांमार भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीति का प्रमुख साझेदार है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यू मिन आंग ह्लाइंग को म्यांमार के राष्ट्रपति का पद संभालने पर बधाई दी और कहा कि भारत नई सरकार के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने म्यांमार में शांति, स्थिरता और राष्ट्रीय सुलह के प्रयासों के प्रति भारत के निरंतर समर्थन को भी दोहराया।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-म्यांमार कनेक्टिविटी परियोजनाओं, व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा की। राष्ट्रपति ने आशा जताई कि दोनों देशों के सहयोग से लंबित परियोजनाएं शीघ्र पूरी होंगी। उन्होंने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में व्यापार बढ़ा है, लेकिन अभी भी दोनों देशों के बीच व्यापारिक संभावनाएं काफी व्यापक हैं।
दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत और म्यांमार के संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा क्षेत्रीय विकास, व्यापार और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
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