प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मार्वल स्टेडियम में भारतीय समुदाय के एक विशाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों से सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिसे दोनों देशों के मजबूत और घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक माना गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय द्वारा किए गए भव्य स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं और यही उन्हें सुरक्षित, समृद्ध तथा मजबूत साझेदारी की दिशा में स्वाभाविक सहयोगी बनाती है।
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच जीवंत सेतु की भूमिका निभा रहे हैं। भारतीय समुदाय अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखते हुए ऑस्ट्रेलिया के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र को भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, वहीं कई ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय भारत में अपने परिसर स्थापित कर रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच शैक्षणिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति, डिजिटल क्रांति, नीतिगत सुधारों और आधुनिक बुनियादी ढांचे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर, स्मार्टफोन निर्माण, संचार प्रौद्योगिकी, 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा उत्पादन और निर्यात जैसे क्षेत्रों में तेजी से नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक शक्ति, युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और तकनीकी क्षमता वैश्विक साझेदारों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्रगति केवल अपने लिए नहीं, बल्कि अपने मित्र देशों के साथ मिलकर आगे बढ़ने की सोच पर आधारित है।
उन्होंने दुनिया भर में बसे भारतीयों से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव, ज्ञान और विशेषज्ञता के माध्यम से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, पेशेवरों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं, सामुदायिक नेताओं और विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग शामिल हुए। वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में लगभग 10 लाख भारतीय मूल के लोग निवास करते हैं, जो दोनों देशों के मजबूत और आत्मीय संबंधों की पहचान हैं।
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