सरकार का बड़ा कदम: भारतीय फिल्म निर्माताओं को वित्तीय सहायता, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और वैश्विक प्रचार मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और क्षेत्रीय फिल्मों को प्रोत्साहन देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। सरकार डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन एंड डिसेमिनेशन ऑफ फिल्मिक कंटेंट (DCDFC) योजना के तहत क्षेत्रीय फिल्मों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इस पहल से महाराष्ट्र सहित देशभर के फिल्म निर्माताओं को लाभ मिल रहा है और भारतीय फिल्म इकोसिस्टम को नई मजबूती मिल रही है।

राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) के माध्यम से भी उभरते और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का उद्देश्य भारतीय फिल्मों की गुणवत्ता बढ़ाने, नए प्रतिभाशाली फिल्मकारों को अवसर देने और भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान को मजबूत करना है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय फिल्मों को मिलेगा बढ़ावा

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारतीय फिल्म निर्माताओं की अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों और फिल्म मार्केट में भागीदारी को भी प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए मंत्रालय फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) तथा इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) जैसे उद्योग संगठनों के साथ मिलकर भारतीय सिनेमा का वैश्विक प्रचार कर रहा है।

विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों को भी भारतीय फिल्मों के प्रचार-प्रसार और भारतीय तथा विदेशी फिल्म उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके अंतर्गत वेव्स बाज़ार, वर्क-इन-प्रोग्रेस लैब्स, व्यूइंग रूम, फिल्म मार्केट और अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण (Co-production) कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन मंचों के माध्यम से भारतीय फिल्म निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, वितरकों और निर्माताओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।

महाराष्ट्र बना देश का सबसे बड़ा फिल्म हब

सरकार ने बताया कि महाराष्ट्र आज भी भारत का सबसे बड़ा फिल्म निर्माण केंद्र बना हुआ है। मुंबई के दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी), गोरेगांव, भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे तथा भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT), मुंबई जैसे संस्थान फिल्म उद्योग के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा मुंबई, पुणे और नासिक में निजी क्षेत्र की अत्याधुनिक प्रोडक्शन एवं पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं भी तेजी से विकसित हो रही हैं।

फिल्म उद्योग के लिए बनेगा नया रोडमैप

फिल्म उद्योग में मौजूद अवसरों और चुनौतियों का व्यापक अध्ययन करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में एक उच्च-स्तरीय अध्ययन समूह का गठन किया है। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य की नीतियां तैयार की जाएंगी, जिससे भारतीय फिल्म उद्योग को और अधिक मजबूत एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।

यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में डॉ. अमोल रामसिंह कोल्हे द्वारा पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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