महिला पहलवान यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी

महिला पहलवान यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर बरी

नई दिल्ली। महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की अदालत ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया। राउज एवेन्यू स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार की अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिले।

मामले में दिल्ली पुलिस ने करीब 1500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे के दौरान 32 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।

अदालत के फैसले के बाद बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव मोहनने दलील दी कि शिकायतकर्ताओं के बयानों में घटनाओं के समय, स्थान और परिस्थितियों को लेकर कई विरोधाभास थे। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि कुछ आरोप ऐसे स्थानों से संबंधित थे, जहां संबंधित समय पर बृजभूषण शरण सिंह की मौजूदगी साबित नहीं हो सकी। कुछ घटनाओं की शिकायत कई वर्ष बाद दर्ज कराए जाने को भी बचाव पक्ष ने अभियोजन के मामले की कमजोरी बताया।

वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनीष रावत ने अदालत में कहा कि आरोप तय होने से लेकर मुकदमे के अंत तक शिकायतकर्ताओं के बयान मूल रूप से एक जैसे रहे। अभियोजन ने यह भी दावा किया कि कई सरकारी गवाहों ने शिकायतकर्ताओं के बयानों की पुष्टि की।

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर माना कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। इसके बाद बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को मामले में बरी कर दिया गया।

फैसले के बाद समर्थकों ने बृजभूषण शरण सिंह का माला पहनाकर स्वागत किया।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने