राष्ट्रपति ने संथाली भाषा में भारत का संविधान किया जारी

राष्ट्रपति मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में संथाली भाषा (ओल चिकी लिपि) में भारत के संविधान का विमोचन किया। उन्होंने इसे संथाली समाज के लिए गर्व और खुशी का क्षण बताते हुए कहा कि इससे लोग संविधान को अपनी मातृभाषा में पढ़ और समझ सकेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस वर्ष ओल चिकी लिपि की शताब्दी मनाई जा रही है और इसी अवसर पर संविधान का प्रकाशन एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने इस कार्य के लिए विधि एवं न्याय मंत्री और उनकी टीम की सराहना की।
समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि संथाली भाषा को 2003 के 92वें संविधान संशोधन के तहत संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था और यह झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व बिहार में व्यापक रूप से बोली जाती है।

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