नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम), उत्तरकाशी और जवाहर पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल संस्थान (जेआईएम एंड डब्ल्यूएस), पहलगाम के छह सदस्यीय संयुक्त दल ने भारतीय पर्वतारोहण इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है।
दल ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी और एशिया के बाहर विश्व की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एकांकागुआ (6,961 मीटर) पर 22 फरवरी 2026 को दोपहर 2:10 बजे सफलतापूर्वक आरोहण किया।
🚩 रक्षा मंत्री ने दिखाई थी हरी झंडी
इस अभियान को 5 फरवरी 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने औपचारिक रूप से रवाना किया था।
कर्नल हेम चंद्र सिंह (प्रधानाचार्य, एनआईएम और जेआईएम एंड डब्ल्यूएस) के नेतृत्व में दल 8 फरवरी 2026 को अर्जेंटीना पहुंचा और वहां से चढ़ाई आरंभ की।
अनुकूलन और कठिन परिस्थितियां
मुख्य शिखर से पहले दल ने 5,050 मीटर ऊंचे बोनेट पीक पर चढ़ाई कर वातावरण के अनुरूप स्वयं को ढाला।
दल के सदस्य:
कैप्टन जी. संतोष कुमार
श्री दीप बहादुर साही
श्री विनोद गुसाई
नायब सिपाही भूपिंदर सिंह
हवलदार रमेश कुमार
इन्होंने -20°C से -30°C तापमान और तेज हवाओं जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हुए असाधारण साहस और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन किया।
भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा
यह सफलता अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण जगत में भारत की बढ़ती साख को दर्शाती है। साथ ही, यह उपलब्धि विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और अनुशासन के लिए भारतीय पर्वतारोहण संस्थानों की क्षमता को भी रेखांकित करती है।
📌 मुख्य बिंदु
22 फरवरी 2026 को दोपहर 2:10 बजे शिखर फतह
6 सदस्यीय संयुक्त दल
-30°C तक के तापमान में सफल अभियान
रक्षा मंत्री द्वारा 5 फरवरी को रवाना
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा में वृद्धि
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