दिल्ली में “तोशिम” कार्यक्रम आयोजित, किन्नौर की संस्कृति को सहेजने का आह्वान

किन्नौर में केवल सेब ही नहीं उगते, बल्कि यहाँ भारत की सबसे प्राचीन और समृद्ध सभ्यता व संस्कृति भी फलती-फूलती है। हम सभी को देवभूमि हिमाचल प्रदेश का निवासी होने का गौरव प्राप्त है, लेकिन एक हिमाचली के साथ-साथ किन्नौरी होना अपने आप में गर्व का विषय है।
दिल्ली किन्नौर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (DKSA) भाषा और संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ किन्नौर के युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी सराहनीय कार्य कर रहा है। ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि हम इन युवाओं के प्रयासों को अपना सहयोग और समर्थन प्रदान करें।

दिल्ली किन्नौर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (DKSA) के वार्षिक कार्यक्रम “तोशिम” में बतौर मुख्य अतिथि सांसद अनुराग ठाकुर शिरकत करते हुए वक्ता ने किन्नौर की संस्कृति, बोली और साहित्य पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस समृद्ध विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। साथ ही सभी से किन्नौरी भाषा, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण व प्रचार-प्रसार के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
मंच पर सांसद अनुराग ठाकुर, सहित क्षेत्रीय पदाधिकारी मौजूद रहे। 

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