बेंगलुरु स्थित वायु सेना टेस्ट पायलट स्कूल (AFTPS) में 48वें उड़ान परीक्षण पाठ्यक्रम का समापन 23 मई 2026 को भव्य समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 11 टेस्ट पायलट और 6 फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर सफलतापूर्वक स्नातक बने। कुल 17 अधिकारियों वाले इस बैच में भारतीय वायु सेना के 14 अधिकारी, भारतीय सेना का एक अधिकारी और भारतीय नौसेना के दो अधिकारी शामिल रहे।
48 सप्ताह तक चले इस कठिन और बहु-विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को अत्याधुनिक विमान प्रणालियों, उड़ान परीक्षण तकनीकों और सुरक्षा मानकों की गहन ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये अधिकारी भारतीय वायु सेना की प्रमुख इकाई ‘एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट’ के एविएशन विंग में सेवाएं देंगे, जहां वे आधुनिक विमानों और रक्षा प्रणालियों के परीक्षण एवं मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
समारोह में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सफल अधिकारियों को प्रमाण-पत्र और विभिन्न प्रतिष्ठित ट्रॉफियां प्रदान कीं। स्क्वाड्रन लीडर केके सिंह को सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण छात्र टेस्ट पायलट के लिए “सुरंजन दास ट्रॉफी” से सम्मानित किया गया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर आदित्य जमदग्नि को उड़ान मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “वायु सेना प्रमुख ट्रॉफी” प्रदान की गई।
अपने संबोधन में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत बनाने में इन अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, तकनीकी उत्कृष्टता और पेशेवर दक्षता के साथ अपने दायित्व निभाने का आह्वान किया।
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