लखनऊ। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बड़ा संदेश देते हुए सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों से 50 प्रतिशत तक गाड़ियां हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय आत्मनिर्भरता और सतर्कता का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ईंधन की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने और अनावश्यक सोने की खरीद से बचने का आग्रह किया। सरकार का मानना है कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सरकारी बैठकों, सेमिनार और कार्यशालाओं को अधिक से अधिक वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाया जाए और मंत्री, सांसद, विधायक तथा अधिकारी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। इससे ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
सरकार ने मेट्रो, पीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहनों और कार पूलिंग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों, छात्रों और सरकारी कर्मचारियों से भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की। उनका कहना है कि यदि अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन अपनाते हैं तो ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।
औद्योगिक संस्थानों और बड़ी कंपनियों को “वर्क फ्रॉम होम” नीति लागू करने की सलाह दी गई है। जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां सप्ताह में कम से कम दो दिन घर से काम कराने पर विचार किया जा रहा है। शिक्षा विभाग को भी ऑनलाइन बैठकों और कार्यशालाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक मजबूती का विषय नहीं बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा अभियान है। उन्होंने लोगों से स्थानीय उत्पाद खरीदने और भारतीय उद्योगों को समर्थन देने का आह्वान किया।
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