रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में भारतीय सेना के नौकायन पोत आईएएसवी त्रिवेनी से प्रथम त्रि-सेवा पूर्ण महिला समुद्री यात्रा अभियान ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ सफलतापूर्वक पूरा करने वाली तीनों सेनाओं की नौ महिला अधिकारियों को सम्मानित किया। इन अधिकारियों ने 314 दिनों में चार महासागरों की लगभग 25,500 समुद्री मील लंबी ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर भारत के सैन्य इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है।
रक्षा मंत्री ने महिला अधिकारियों के साहस, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ नारी शक्ति, त्रि-सेवा एकता और भारतीय सैन्य क्षमता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह अभियान हर भारतीय, विशेषकर देश की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि ने उन सभी रूढ़ियों को तोड़ दिया है, जिनमें माना जाता था कि महिलाएं कठिन सैन्य अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा नहीं कर सकतीं।
महिला अधिकारियों ने रक्षा मंत्री के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अभियान के दौरान कठिन समुद्री परिस्थितियों, प्रतिकूल मौसम और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन राष्ट्र सेवा का संकल्प उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा। उन्होंने कहा कि टीम भावना, अनुशासन और वर्षों के प्रशिक्षण ने इस मिशन को सफल बनाया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों का एक ही पोत पर एक साझा मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करना तीनों सेनाओं के बीच उत्कृष्ट समन्वय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि देश की तीनों सेनाएं इसी भावना के साथ कार्य करती रहें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहेगा।
उन्होंने इस अभियान को भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमता, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और समुद्री कौशल का वैश्विक प्रदर्शन भी बताया। उन्होंने कहा कि जिन देशों में आईएएसवी त्रिवेनी पहुंचा, वहां भारत की सांस्कृतिक विरासत, सैन्य व्यावसायिकता और आत्मनिर्भरता का प्रभावी संदेश गया।
यह ऐतिहासिक मिशन 11 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था और 22 जुलाई 2026 को मुंबई पहुंचकर संपन्न हुआ। लगभग दो वर्षों की कठोर तैयारी, चौबीसों घंटे सक्रिय तटीय सहायता नेटवर्क और विभिन्न सैन्य एवं सहयोगी एजेंसियों के समन्वय से यह अभियान सफल हो सका। इस दौरान चालक दल ने विश्व भ्रमण के सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हुए सभी देशांतर रेखाओं को पार किया, भूमध्य रेखा को दो बार, अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा को पार किया तथा केप लीउविन, केप हॉर्न और केप ऑफ गुड होप जैसे तीन प्रमुख समुद्री केप का सफलतापूर्वक चक्कर लगाया।
अभियान के दौरान चालक दल ने दुनिया के सबसे कठिन समुद्री मार्गों में शामिल ड्रेक पैसेज को भी सफलतापूर्वक पार किया। इसके साथ ही टीम को प्रतिष्ठित केप हॉर्नर्स समुदाय की सदस्यता प्राप्त हुई, जो विश्वभर के चुनिंदा नाविकों को ही मिलती है। यह उपलब्धि भारतीय सैन्य इतिहास के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह मिशन केवल समुद्री यात्रा नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता, महिला सशक्तिकरण और वैश्विक स्तर पर मजबूत होती सैन्य कूटनीति का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगी और भारतीय सशस्त्र बलों की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
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