केंद्र ने लॉन्च किया आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम और समर्थ पोर्टल, पंचायतों को मिलेगी आर्थिक मजबूती

आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम और समर्थ पोर्टल लॉन्च, पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी पहल

केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने नई दिल्ली के कृषि भवन में आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम, समर्थ पंचायत पोर्टल और पंचायती राज संस्थाओं के लिए मॉडल ओएसआर (Own Source Revenue) नियम लॉन्च किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि "आत्मनिर्भर पंचायतें 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की कुंजी हैं।"

कार्यक्रम में पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसी दौरान मंत्रालय को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के तहत पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) के लिए स्वर्ण पुरस्कार भी प्रदान किया गया।

क्या है आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम?

आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम और ब्लॉक पंचायतों को स्थानीय संसाधनों और संपत्तियों की पहचान कर उन्हें स्थायी राजस्व उत्पन्न करने वाली परियोजनाओं में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस योजना के तहत पंचायतों को तकनीकी सहयोग के साथ-साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR), बैंक वित्त, NABARD और HUDCO जैसी संस्थाओं से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार अगले चार वर्षों में 350 परियोजनाएं विकसित करेगी। पहले वर्ष में 50 और अगले तीन वर्षों में प्रत्येक वर्ष 100 परियोजनाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

समर्थ पंचायत पोर्टल से होगा डिजिटल राजस्व प्रबंधन

केंद्रीय मंत्री ने समर्थ पंचायत पोर्टल भी लॉन्च किया, जो पंचायतों के कर संग्रह और राजस्व प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से करदाता पंजीकरण, मांग पत्र जारी करना, ऑनलाइन भुगतान, राजस्व संग्रह और रियल-टाइम निगरानी एक ही मंच पर संभव होगी।

फिलहाल छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश इस पोर्टल से जुड़ चुके हैं, जहां 51 लाख से अधिक करदाता पंजीकृत हैं। अब तक ₹95 करोड़ के मांग नोटिस जारी किए जा चुके हैं और ₹27 करोड़ से अधिक का राजस्व संग्रह किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और मिजोरम में भी इस पोर्टल को लागू करने की प्रक्रिया जारी है।



मॉडल ओएसआर नियमों से पंचायतों की आय बढ़ेगी

केंद्र सरकार ने पंचायतों के स्वयं के राजस्व (Own Source Revenue - OSR) को बढ़ाने के लिए मॉडल ओएसआर नियम भी जारी किए हैं। इन नियमों के तहत संपत्ति कर, उपयोग शुल्क, विभिन्न फीस और अन्य गैर-कर राजस्व के आकलन, संग्रह और प्रबंधन के लिए राज्यों को एक पारदर्शी और प्रभावी ढांचा मिलेगा।

राज्य सरकारें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार इन नियमों को अपनाकर पंचायतों की वित्तीय स्थिति को मजबूत बना सकेंगी।



विकसित भारत 2047 की दिशा में बड़ा कदम

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि डिजिटल तकनीक, पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन और स्थानीय राजस्व बढ़ाने वाली ये पहलें ग्रामीण भारत को मजबूत करेंगी। इससे पंचायतों की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, स्थानीय शासन अधिक प्रभावी होगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।



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