उत्तर प्रदेश की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का 25 सितंबर 2026 को लखनऊ के संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) में निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी समेत प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है।
लंबे समय से चल रहा था इलाज
रिपोर्टों के अनुसार, राम गोविंद चौधरी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते SGPGI में भर्ती कराया गया था। इससे पहले भी उनका लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में उपचार हुआ था। समाजवादी पार्टी के मीडिया प्रभारी सुशील पांडेय के अनुसार, उन्हें करीब दो सप्ताह पहले SGPGI में भर्ती कराया गया था। इससे पहले उनकी हार्ट सर्जरी भी हुई थी और लंबे समय तक उनका इलाज चला।
2017 से 2022 तक रहे नेता प्रतिपक्ष
राम गोविंद चौधरी उत्तर प्रदेश विधानसभा में मार्च 2017 से मार्च 2022 तक नेता प्रतिपक्ष रहे। इससे पहले वह प्रदेश की अलग-अलग समाजवादी सरकारों में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह से जीत के बाद अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें बेसिक शिक्षा और समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी मिली थी। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बांसडीह सीट से फिर जीत दर्ज की और इसके बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने। उनके लंबे राजनीतिक जीवन में विधानसभा के भीतर जनहित और सामाजिक मुद्दों को उठाने की भूमिका प्रमुख रही।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ था सफर
राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। आपातकाल के दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े आंदोलन में भी वह सक्रिय रहे और इस दौरान उन्हें जेल जाना पड़ा। बाद में वह समाजवादी आंदोलन से जुड़े और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर तथा मुलायम सिंह यादव जैसे समाजवादी नेताओं के साथ राजनीतिक रूप से जुड़े रहे। वर्ष 1977 में उन्होंने चिलकहर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद बलिया की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बना रहा। वह कई बार विधायक चुने गए और बांसडीह क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
मुलायम और अखिलेश सरकार में संभाली मंत्री की जिम्मेदारी
राम गोविंद चौधरी ने मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री पद संभाला। बाद में अखिलेश यादव सरकार में भी उन्हें महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई। उनके राजनीतिक जीवन का एक बड़ा हिस्सा समाजवादी आंदोलन और पार्टी संगठन से जुड़ा रहा।
अखिलेश यादव ने दी श्रद्धांजलि
राम गोविंद चौधरी के निधन पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें समाजवादी पार्टी का वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष बताते हुए श्रद्धांजलि दी। शनिवार को अखिलेश यादव लखनऊ के निशातगंज स्थित उनके आवास पहुंचे और पार्थिव शरीर पर समाजवादी पार्टी का झंडा रखकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत कई नेताओं ने भी राम गोविंद चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त किया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक योगदान को याद किया।
बलिया की राजनीति में रहा लंबा प्रभाव
बलिया से आने वाले राम गोविंद चौधरी ने करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह आठ बार विधायक रहे और प्रदेश सरकार में मंत्री से लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तक की भूमिका में रहे। उनके निधन से बलिया और उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक लंबे राजनीतिक अध्याय का अंत हुआ है।
