प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इनमें प्रयागराज से सीधे जुड़ी इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन सीट भी शामिल है। वहीं लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों सीटों पर प्रमुख दलों ने अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। बहुजन समाज पार्टी ने अभी तक इन सीटों पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
विधान परिषद की इन 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। निर्वाचन प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित है।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर भाजपा ने अशोक राठौर को उतारा
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस चुनाव में प्रयागराज के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण सीटों में है। भाजपा ने इस सीट से अशोक कुमार राठौर को अपना प्रत्याशी बनाया है। समाजवादी पार्टी ने वर्तमान एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव को फिर मैदान में उतारा है। दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के नाम घोषित होने के बाद इस सीट पर सीधा राजनीतिक मुकाबला बनने की स्थिति दिखाई दे रही है।
डॉ. मान सिंह यादव इस निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधान परिषद सदस्य हैं और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि हैं। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की सदस्य सूची में भी उनका निर्वाचन क्षेत्र इलाहाबाद-झांसी मंडल स्नातक और दल समाजवादी पार्टी दर्ज है।
भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर मूल रूप से जालौन क्षेत्र से जुड़े हैं। भाजपा ने उन्हें 2026 के चुनाव के लिए मैदान में उतारा है। पार्टी ने इस सीट पर संगठन को सक्रिय करते हुए बूथ और मतदाता संपर्क की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
इलाहाबाद-झांसी खंड में कौन-कौन से जिले शामिल?
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र केवल प्रयागराज जिले तक सीमित नहीं है। इसमें कुल 10 जिले शामिल हैं।
इनमें प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर शामिल हैं। इस पूरे निर्वाचन क्षेत्र में 2026 के चुनाव के लिए लगभग 2.61 लाख मतदाता पंजीकृत बताए गए हैं और पूरे क्षेत्र में 353 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए हैं।
प्रयागराज जिले में भी बड़ी संख्या में मतदान स्थल बनाए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार 1400 से अधिक मतदाताओं वाले कई मतदेय स्थलों पर सहायक मतदेय स्थल बनाए गए हैं। सितंबर में जिले में कुल 119 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए थे।
इसका मतलब है कि प्रयागराज के स्नातक मतदाता 23 अक्टूबर को अपने संबंधित निर्धारित मतदान स्थल पर वोट डाल सकेंगे। मतदान स्थल मतदाता सूची में दर्ज मतदाता के क्षेत्र के अनुसार निर्धारित होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल पर मतदाता सूची और मतदान केंद्र से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं।
23 अक्टूबर को कहां-कहां होगा मतदान?
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर जिलों में होगा।
मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। प्रयागराज में मतदाता अपने नाम से जुड़े निर्धारित मतदेय स्थल पर मतदान करेंगे। केवल सामान्य विधानसभा मतदाता होना पर्याप्त नहीं है; इस चुनाव में वोट डालने के लिए व्यक्ति का नाम संबंधित स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में होना जरूरी है।
स्नातक एमएलसी चुनाव में कौन वोट दे सकता है?
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्येक सामान्य मतदाता वोट नहीं डालता। निर्वाचन आयोग के अनुसार ऐसे व्यक्ति को संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए और अर्हता तिथि से कम से कम तीन वर्ष पहले तक भारत के किसी विश्वविद्यालय से स्नातक या उसके समकक्ष योग्यता प्राप्त होनी चाहिए। विधान परिषद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची के लिए अर्हता तिथि 1 नवंबर निर्धारित होती है।
इसलिए प्रयागराज का कोई व्यक्ति केवल इसलिए इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर मतदान नहीं कर सकता कि वह प्रयागराज का निवासी है। उसका नाम संबंधित स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज होना आवश्यक है।
लखनऊ खंड शिक्षक सीट पर भाजपा-सपा आमने-सामने
दूसरी महत्वपूर्ण सीट लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र है। भाजपा ने यहां वर्तमान एमएलसी उमेश द्विवेदी को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने सुशील कुमार को उम्मीदवार घोषित किया है। 4 अक्टूबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी घोषित हैं।
लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली और प्रतापगढ़ जिले शामिल हैं। संबंधित जिलों की आधिकारिक निर्वाचन वेबसाइटों पर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की अलग मतदाता सूचियां उपलब्ध कराई गई हैं।
इस सीट के शिक्षक मतदाता भी 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान करेंगे। मतदाता को अपने नाम के अनुसार निर्धारित मतदान स्थल पर जाना होगा।
शिक्षक एमएलसी चुनाव में कौन वोट दे सकता है?
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी सामान्य विधानसभा चुनाव की तरह सभी लोग मतदान नहीं कर सकते। निर्वाचन आयोग के अनुसार संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य रूप से रहने वाला व्यक्ति, जिसने अर्हता तिथि से ठीक पहले के छह वर्षों में कुल कम से कम तीन वर्ष तक राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ऐसे शिक्षण संस्थान में अध्यापन किया हो, जो माध्यमिक विद्यालय से कम स्तर का न हो, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल होने के योग्य हो सकता है।
इसलिए लखनऊ खंड शिक्षक सीट का चुनाव मुख्य रूप से पात्र शिक्षक मतदाताओं के बीच होगा।
बसपा ने अभी नहीं खोले पत्ते
इन चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों को लेकर है। उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार बसपा ने 5 अक्टूबर तक इन स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। मई में सामने आई राजनीतिक रिपोर्टों में भी बताया गया था कि बसपा ने उस समय अपने पत्ते नहीं खोले थे और पार्टी के चुनाव लड़ने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
यूपी की 11 विधान परिषद सीटों पर चुनाव
2026 के इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की कुल 11 विधान परिषद सीटों पर मतदान होना है। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। भाजपा ने सभी 11 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। भाजपा की घोषित सूची में स्नातक सीटों पर लखनऊ से अवनीश कुमार सिंह, आगरा से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, मेरठ से दिनेश गोयल, इलाहाबाद-झांसी से अशोक कुमार राठौर और वाराणसी से केदारनाथ सिंह शामिल हैं। शिक्षक सीटों पर लखनऊ से उमेश द्विवेदी, मेरठ-सहारनपुर से श्रीचंद शर्मा, बरेली-मुरादाबाद से हरि सिंह ढिल्लों, वाराणसी से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा से हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया है।
समाजवादी पार्टी ने भी कई सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। पार्टी की आधिकारिक सूची में वाराणसी शिक्षक से लाल बिहारी यादव, लखनऊ शिक्षक से सुशील कुमार, इलाहाबाद-झांसी स्नातक से मान सिंह और वाराणसी स्नातक से आशुतोष सिन्हा के नाम दर्ज हैं।
हालांकि सपा ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान दो शिक्षक सीटों पर अपने प्रत्याशी बदले हैं। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी और आगरा शिक्षक सीट पर पहले घोषित प्रत्याशी की जगह डॉ. आकाश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया गया है।
6 अक्टूबर तक नामांकन, 9 अक्टूबर के बाद तस्वीर साफ होगी
विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर 2026 को जारी हो चुकी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर को नाम वापस लेने की अंतिम तारीख है। इसके बाद ही प्रत्येक सीट पर अंतिम रूप से कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, इसकी तस्वीर स्पष्ट होगी।
इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। निर्वाचन प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।
प्रयागराज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह चुनाव?
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक सीट का सीधा संबंध प्रयागराज से है और वर्तमान में इस सीट का प्रतिनिधित्व समाजवादी पार्टी के डॉ. मान सिंह यादव कर रहे हैं। भाजपा ने इस बार अशोक कुमार राठौर को मैदान में उतारकर सीट वापस हासिल करने की कोशिश शुरू की है। पिछली बार यह सीट सपा के खाते में गई थी और उससे पहले लंबे समय तक भाजपा का प्रभाव रहा था ऐसे में 2026 का चुनाव केवल विधान परिषद की एक सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा के संगठनात्मक प्रभाव की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि अंतिम परिणाम का अनुमान लगाना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
प्रयागराज में प्रशासन ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती, सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, माइक्रो आब्जर्वर तथा अन्य चुनावी व्यवस्थाओं के लिए विवरण जुटाया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। 23 अक्टूबर को होने वाला मतदान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद 27 अक्टूबर को आने वाला परिणाम 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक स्थिति का एक महत्वपूर्ण संकेत देगा।
