प्रयागराज। कीडगंज के कृष्णानगर त्रिवेणी मार्ग स्थित श्री ज्ञान पुस्तकालय में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाया गया। कथा के दौरान नंदोत्सव पर्व धूमधाम से मनाया गया और भगवान श्री कृष्ण को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया।
कथा व्यास बटुक महाराज ने कहा कि अहंकार मनुष्य के विनाश का सबसे बड़ा कारण है। जब किसी व्यक्ति को अपनी शक्ति पर घमंड हो जाता है, तो उसका पतन निश्चित हो जाता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर को अहंकार नहीं, बल्कि प्रेम प्रिय है।
गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए बटुक महाराज ने बताया कि जब देवराज इंद्र को अपनी शक्ति पर अहंकार हुआ, तब भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा कराई और इंद्र के अहंकार को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने देवता, दैत्य और मनुष्य सभी के अहंकार को दूर करने का संदेश दिया तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।
कार्यक्रम का आयोजन प्राचीन श्री दधिकांदो मेला कमेटी कृष्णानगर त्रिवेणी मार्ग कीडगंज की ओर से किया जा रहा है। मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि 6 अक्टूबर को भगवान श्री कृष्ण और माता रुक्मिणी का विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।
कथा के समापन पर महापौर गणेश केसरवानी, पूर्व पार्षद सविता केसरवानी, मुरारी अग्रवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, सतीश चंद्र केसरवानी, पूर्व पार्षद विजय वैश्य, कुंज बिहारी मिश्रा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने आरती-पूजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
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