नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। यह स्वरूप तपस्या, त्याग, आत्मसंयम और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां ब्रह्मचारिणी की आराधना करते हुए देशवासियों के लिए साहस और आत्मसंयम के आशीर्वाद की कामना की।
प्रधानमंत्री ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा अपने संदेश में मां ब्रह्मचारिणी के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना को समर्पित है। मां का यह स्वरूप तप, त्याग और संकल्प की प्रेरणा देता है।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का महत्व
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विशेष श्रद्धा के साथ की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, धैर्य और संयम की प्रतीक हैं। भक्त इस दिन पूजा-अर्चना कर जीवन में साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।
मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप साधना और कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु व्रत, मंत्र जाप और पूजा-पाठ के माध्यम से मां की आराधना करते हैं।
प्रधानमंत्री ने मां से साहस और संयम का आशीर्वाद मांगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में मां ब्रह्मचारिणी से सभी को साहस और संयम प्रदान करने की प्रार्थना की। उनका संदेश नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व और आत्मअनुशासन के भाव को रेखांकित करता है।
शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक आयोजन होते हैं। श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
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