नई दिल्ली।
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली स्थित उनके स्मृति स्थल ‘सदैव अटल’ पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पुष्प अर्पित कर अटल जी के योगदान को नमन किया और उनके राष्ट्रसेवा को समर्पित जीवन को स्मरण किया। श्रद्धांजलि समारोह में सादगी और गरिमा का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन जनसेवा और राष्ट्रसेवा का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत करने, राष्ट्रीय एकता को बढ़ाने और भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने अटल जी के नेतृत्व, दूरदर्शिता और संवेदनशीलता को याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल में सुशासन, विकास और संवाद की राजनीति को नई दिशा दी। पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, पड़ोसी देशों से संवाद की पहल और संसदीय गरिमा को बनाए रखने जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय उनके नेतृत्व की पहचान रहे हैं। वे एक कुशल राजनेता के साथ-साथ संवेदनशील कवि और प्रखर वक्ता भी थे, जिनकी वाणी में राष्ट्रहित की स्पष्ट झलक मिलती थी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मौजूद नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भी अटल जी के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। देशभर में उनकी जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें संगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेवा गतिविधियां शामिल रहीं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि अटल जी का जीवन देशवासियों को निस्वार्थ सेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय हित के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा। ‘सदैव अटल’ स्मृति स्थल पर अर्पित यह श्रद्धांजलि न केवल एक महान नेता को नमन थी, बल्कि उनके विचारों और मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी थी।
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