धर्मेंद्र प्रधान ने एनआईटीएसईआर परिषद की 13वीं बैठक की अध्यक्षता की

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी, विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान परिषद (एनआईटीएसईआर) की 13वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में देश में तकनीकी और वैज्ञानिक शिक्षा की गुणवत्ता, प्रासंगिकता और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों के पाठ्यक्रम राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप होने चाहिए, ताकि छात्र न केवल अकादमिक रूप से सक्षम हों, बल्कि देश की सामाजिक और आर्थिक आवश्यकताओं को भी पूरा कर सकें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पीएचडी कार्यक्रमों को उद्योग-केंद्रित बनाया जाना चाहिए, जिससे शोध कार्य सीधे तौर पर नवाचार, स्टार्टअप और औद्योगिक विकास में योगदान दे सके।
शिक्षा मंत्री ने उद्योग-नेतृत्व वाली पाठ्यक्रम समितियों के गठन का आह्वान किया, ताकि शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटा जा सके। उन्होंने कहा कि उद्योग विशेषज्ञों की भागीदारी से पाठ्यक्रम अधिक व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी और आधुनिक बनेंगे। बैठक में शोध, नवाचार, कौशल विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भारतीय संस्थानों को सशक्त बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इन्होंने विश्वास जताया कि इस दिशा में उठाए गए कदम भारत को ज्ञान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करेंगे।

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