सीएम के गृह जिले की 797 सड़कें बदहाल, करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं सुधरे हाल

मुख्यमंत्री के गृह जिले में सड़कों की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। जिले की कुल 797 सड़कें जर्जर हालत में पाई गई हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है, वहीं आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस, स्कूल वाहन और जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी आने-जाने में दिक्कत होती है।

मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं और गुणवत्ता की जांच की मांग की है। वहीं संबंधित विभाग का कहना है कि सड़कों का सर्वे कराया जा रहा है और जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। जनता को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़कों की वास्तविक सुधार की उम्मीद है।

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