नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं से बौद्धिक अखंडता बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है।
उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को ज्ञान, नैतिक मूल्यों और विवेकपूर्ण सोच को जीवन का आधार बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक परिवेश में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें अपनी प्रतिभा का उपयोग सकारात्मक बदलाव के लिए करना चाहिए।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने विश्वविद्यालयों को विचारों की स्वतंत्रता, संवाद और नवाचार के केंद्र बताते हुए कहा कि यहां से निकले छात्र देश की प्रगति में अहम योगदान दे सकते हैं। उन्होंने स्नातक एवं शोध उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Tags
देश विदेश