नई दिल्ली। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में केंद्र सरकार एक नई और आधुनिक तकनीक पर काम कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार वाहन–से–वाहन (वी2वी) वायरलेस संचार तकनीक को लागू करने की तैयारी में है, जिससे वाहन आपस में सीधे संवाद कर सकेंगे।
इस तकनीक के माध्यम से वाहन आसपास चल रहे अन्य वाहनों की गति, स्थिति, ब्रेक लगाने और अचानक दिखाई न देने वाले स्थानों (ब्लाइंड स्पॉट) की जानकारी वास्तविक समय में प्राप्त कर सकेंगे। इससे चालकों को समय रहते सतर्क होने का अवसर मिलेगा और दुर्घटनाओं की आशंका में कमी आएगी।
राज्यों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में गडकरी ने कहा कि इस परियोजना को सफल बनाने के लिए दूरसंचार विभाग के साथ संयुक्त कार्यबल का गठन किया गया है। दूरसंचार विभाग ने वी2वी संचार के लिए 30 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम (5.875 से 5.905 गीगाहर्ट्ज) के उपयोग को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि सरकार सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने और नियम उल्लंघन पर दंड बढ़ाने के जरिए सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने का प्रयास कर रही है।
इसके साथ ही आगामी बजट सत्र में मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन लाने की तैयारी है। प्रस्तावित 61 संशोधनों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाना, नागरिक सेवाओं में सुधार और यातायात को अधिक सुरक्षित व गतिशील बनाना है।
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