प्रधानमंत्री ने ज्ञान के सार को आत्मसात करने पर केंद्रित संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ज्ञान के वास्तविक महत्व को रेखांकित करते हुए एक प्रेरणादायी संस्कृत सुभाषित साझा किया। इस सुभाषित के माध्यम से उन्होंने कहा कि सच्चा ज्ञान वही है, जो केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर व्यक्ति के आचरण, विचार और कर्म में दिखाई दे। प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि ज्ञान का उद्देश्य मानव जीवन को सही दिशा देना और समाज के कल्याण में योगदान करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ जीवन मूल्यों को भी आत्मसात करें और अर्जित ज्ञान का सकारात्मक उपयोग करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ज्ञान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, क्योंकि यह व्यक्ति को विवेकशील बनाता है और सही-गलत में अंतर करना सिखाता है। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से निरंतर सीखने की भावना बनाए रखने का आग्रह किया। यह संदेश राष्ट्र निर्माण में ज्ञान, संस्कार और जिम्मेदारी की भूमिका को मजबूत करता है।

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