भारतीय रेलवे ने ट्रैक के आधुनिकीकरण और रेल सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। निरंतर और लक्षित निवेश के चलते रेल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2024–25 के दौरान रेलवे ने 6,851 किलोमीटर ट्रैक के नवीनीकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जबकि 7,500 किलोमीटर से अधिक ट्रैक पर नवीनीकरण और उन्नयन का कार्य तेज गति से जारी है। इसके साथ ही अगले दो वर्षों में करीब 7,900 किलोमीटर नए और उन्नत ट्रैक के विकास की योजना बनाई गई है, जिससे परियोजनाओं को और रफ्तार मिलेगी।
ट्रैक अपग्रेडेशन के साथ-साथ उच्च गति क्षमता वाले ट्रैक नेटवर्क में भी बड़ा विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 में जहां उच्च गति ट्रैक की कुल लंबाई 31,445 किलोमीटर थी, वह अब बढ़कर लगभग 84,244 किलोमीटर हो गई है। इसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय रेल नेटवर्क के करीब 80 प्रतिशत हिस्से पर 110 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से ट्रेनों का संचालन संभव हो सका है।
इस व्यापक आधुनिकीकरण से न केवल रेल दुर्घटनाओं में कमी आई है, बल्कि यात्री सुविधा, समयबद्धता और माल परिवहन की दक्षता में भी सुधार हुआ है। भारतीय रेलवे का यह प्रयास देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की परिवहन जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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