नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के 102वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और 1.2 लाख से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत@2047 को साकार करने की कुंजी युवाओं में निहित है और उन्हें ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत से प्रेरित होकर देश निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपाधि केवल एक प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 50 प्रतिशत से अधिक स्नातक और 70 प्रतिशत से अधिक स्वर्ण पदक विजेता महिलाएं हैं, जो देश में महिला शिक्षा की प्रगति का प्रमाण है।
उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से नशीले पदार्थों से दूर रहने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने का भी आह्वान किया। समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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