संसद में परमाणु ऊर्जा मिशन पर बड़ा ऐलान: 2047 तक 100 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य, निजी क्षेत्र को मिलेगा अवसर

केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के उद्देश्य से परमाणु ऊर्जा मिशन की घोषणा की है। इस मिशन के तहत परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शांति अधिनियम भी लागू किया गया है।

राज्यसभा में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन तथा प्रधानमंत्री कार्यालय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लिखित उत्तर में बताया कि सरकार वर्ष 2033 तक पांच स्वदेशी लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।

🔹 स्वदेशी SMR पर फोकस

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने:
220 मेगावाट भारत लघु मॉड्यूलर रिएक्टर

55 मेगावाट SMR

5 मेगावाट तक उच्च तापमान गैस-कूल्ड रिएक्टर

के डिजाइन, विकास और स्थापना का कार्य शुरू कर दिया है।
ये रिएक्टर ऊर्जा-गहन उद्योगों, पुराने कोयला आधारित संयंत्रों के पुनः उपयोग और दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए उपयुक्त होंगे।

🔹 निर्माणाधीन परियोजनाएं

वर्तमान में 13,600 मेगावाट क्षमता वाले 17 परमाणु रिएक्टर (PFBR सहित) निर्माणाधीन हैं, जिनके 2031-32 तक चरणबद्ध रूप से पूरा होने की उम्मीद है।
इसके बाद देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता 22 गीगावाट तक पहुंच जाएगी।

दीर्घकालिक लक्ष्य

सरकार ने 2047 तक लगभग 100 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को मजबूती मिलेगी।

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