नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट 2026 में भारत ने डिजिटल सुरक्षा, 6G तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस और Deepfake से निपटने के लिए ठोस नीति ढांचे पर जोर दिया। इस वैश्विक सम्मेलन में कई देशों के तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप संस्थापकों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान भारत की ओर से डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल को वैश्विक सहयोग के लिए प्रस्तुत किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले दशक में AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और 6G नेटवर्क दुनिया की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे।
Deepfake और साइबर सुरक्षा पर खास चर्चा
सम्मेलन में Deepfake और ऑनलाइन दुष्प्रचार को लोकतंत्र और सामाजिक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बताया गया। विशेषज्ञों ने AI आधारित फेक कंटेंट की पहचान के लिए उन्नत एल्गोरिद्म विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
6G और भविष्य की कनेक्टिविटी
तकनीकी विशेषज्ञों ने 6G अनुसंधान, सैटेलाइट इंटरनेट और ग्रामीण कनेक्टिविटी विस्तार पर प्रस्तुति दी। भारत ने बताया कि वह 6G मानकों के विकास में सक्रिय भागीदारी कर रहा है और वैश्विक साझेदारी के लिए तैयार है।
स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा
समिट में AI आधारित हेल्थकेयर, एग्रीटेक और स्मार्ट सिटी समाधान पेश किए गए। कई भारतीय स्टार्टअप्स ने अपनी नई तकनीकों का प्रदर्शन किया, जिससे निवेशकों की रुचि बढ़ी।
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