Jyotiraditya M. Scindia और Frederico de Siqueira Filho के बीच आज एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें दूरसंचार, डिजिटल अवसंरचना और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी। बैठक ने भारत और Brazil के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दी।
दोनों मंत्रियों ने 5जी उपयोग के मामलों, 6जी अनुसंधान सहयोग, क्वांटम संचार, साइबर सुरक्षा और डिजिटल अवसंरचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की। ब्रिक्स ढांचे के अंतर्गत प्रमुख साझेदार होने के नाते, दोनों देशों ने समावेशी विकास, तकनीकी संप्रभुता और सुरक्षित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के महत्व पर बल दिया।
बैठक में उपग्रह संचार को एक रणनीतिक प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में रेखांकित किया गया। सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया को सशक्त बनाने में इसकी भूमिका पर सहमति बनी। भारत ने अपने महत्वाकांक्षी भारतनेट कार्यक्रम की प्रगति साझा की, जो दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क में से एक है। साथ ही आधार और यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल लेनदेन में हुई तीव्र वृद्धि पर भी प्रकाश डाला गया।
ब्राजील की ओर से अमेज़न क्षेत्र में लगभग 40,000 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की परियोजना और पीआईएक्स डिजिटल भुगतान प्रणाली की सफलता का उल्लेख किया गया। दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा, सुरक्षित नेटवर्क और दूरसंचार धोखाधड़ी की रोकथाम में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से संरचित साझेदारी को तेज करने, नियमित आधिकारिक परामर्श तंत्र स्थापित करने और संयुक्त कार्य योजना विकसित करने पर सहमति व्यक्त की। यह पहल समावेशी, नवाचार-संचालित और सुरक्षित डिजिटल परिवर्तन की दिशा में भारत-ब्राजील संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
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