भारत–नेपाल–मालदीव के बीच कृषि सहयोग को नई मजबूती, उन्नत बीज व अनुसंधान में बढ़ेगी साझेदारी

भारत ने नेपाल और मालदीव के साथ कृषि क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर नेपाल के कृषि एवं पशुधन मंत्री डॉ. मदन प्रसाद परियार और मालदीव के कृषि एवं पशु कल्याण राज्य मंत्री अहमद हसन दीदी से सौजन्य भेंट कर कृषि सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में कृषि अनुसंधान, उन्नत बीज, लाइवस्टॉक विकास, मृदा स्वास्थ्य और एग्रो-क्लाइमेटिक परिस्थितियों के अनुरूप खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। भारत सरकार ने नेपाल को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिससे वहां की कृषि उत्पादकता में वृद्धि हो सके।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नेपाल और मालदीव भारत के घनिष्ठ मित्र राष्ट्र हैं और संबंध केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक भी हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), पूसा में हो रहे अत्याधुनिक शोध का लाभ इन देशों को भी उपलब्ध कराया जाएगा।
भारत और नेपाल के बीच पहले से मौजूद कृषि अनुसंधान संबंधी समझौता ज्ञापन (MoU) को और विस्तार देने तथा बिम्सटेक के तहत गठित संयुक्त वर्किंग ग्रुप के माध्यम से सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। वहीं, मालदीव के लिए उसकी विशेष जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप बीज, प्रशिक्षण और अनुसंधान सहयोग पर जोर दिया गया।
बैठक में आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने