दिव्यांगजन भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में निर्णायक शक्ति सिद्ध होंगे” — गुरमीत सिंह

देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित 30वें दिव्य कला मेला के भव्य उद्घाटन अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि दिव्यांगजन भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि “दिव्य कला मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेरणा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का सशक्त मंच है।” मेले में प्रदर्शित रचनात्मकता को उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की जीवंत अभिव्यक्ति बताया।

प्रौद्योगिकी और दिव्यांग सशक्तिकरण

राज्यपाल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और तकनीकी नवाचारों को दिव्यांगजनों के लिए नई संभावनाओं का सेतु बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करती और यदि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुँचाया जाए, तो दिव्य प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सकती है।

🏛️ केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 सहित कई कल्याणकारी योजनाओं ने समावेशी विकास को मजबूत आधार दिया है।

उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से सहायक उपकरणों की खरीद एवं फिटमेंट हेतु चालू बजट में ₹375 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

जनप्रतिनिधियों के विचार

टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने मेले को सामाजिक परिवर्तन का उत्प्रेरक बताया और पैरा ओलंपिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती।

विधायक खजान दास ने इसे गरिमा और अवसर प्रदान करने वाली पहल बताया।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) के निदेशक श्री प्रदीप ए. ने बताया कि मेला दिव्यांग उद्यमियों को बाजार, वित्त और रोजगार अवसरों से जोड़ने का व्यापक प्रयास है।

उपलब्धियां और आँकड़े

देशभर में आयोजित 29 मेलों में 2,362 प्रतिभागी

₹23 करोड़ से अधिक का व्यापार

₹20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत

रोजगार मेलों में 3,131 अभ्यर्थी शामिल

1,007 शॉर्टलिस्ट, 313+ को नियुक्ति प्रस्ताव

🛍️ देहरादून मेला: प्रमुख आकर्षण

16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व

100+ दिव्यांग कारीगर एवं उद्यमी

हस्तशिल्प, हस्तकरघा, परिधान, जैविक उत्पाद, आभूषण, खिलौने आदि

26 फरवरी 2026: विशेष रोजगार मेला

1 मार्च 2026: “दिव्य कला शक्ति” सांस्कृतिक कार्यक्रम
समय: 21 फरवरी – 1 मार्च 2026
📍 स्थान: रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून
🎟️ प्रवेश निःशुल्क

📌 निष्कर्ष

दिव्य कला मेला समावेशी विकास की दिशा में एक सशक्त पहल है, जहाँ कला, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता एक साथ मिलकर दिव्यांगजनों को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ते हैं। यह आयोजन न केवल प्रतिभा को मंच देता है, बल्कि भारत के समावेशी और सतत विकास के संकल्प को भी सुदृढ़ करता है।

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