उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रीय CSR शिखर सम्मेलन 2026 को किया संबोधित

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) शिखर सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए भारत के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने सरकार, उद्योग और समाज के बीच मजबूत समन्वय को परिवर्तन का आधार बताया। यह सम्मेलन टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप द्वारा आयोजित किया गया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज के दौर में CSR केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण पूंजी है। उन्होंने कॉर्पोरेट जगत से आग्रह किया कि वे अपने लाभ को व्यापक सामाजिक उद्देश्य से जोड़ें और दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न करने वाली परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें।

“CSR को बनाएं राष्ट्र निर्माण की शक्ति”

अपने संबोधन में श्री राधाकृष्णन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में CSR की भूमिका निर्णायक हो सकती है। उन्होंने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे नवाचार, तकनीक और पारदर्शिता को अपनाते हुए सामाजिक निवेश को अधिक प्रभावी बनाएं।

उन्होंने यह भी कहा, “जब आप कोई संकल्प लेते हैं, तो उसे पूरा करें।” उनके अनुसार, प्रतिबद्धता और निरंतरता ही किसी भी सामाजिक पहल की सफलता की कुंजी है।

समावेशी विकास पर जोर

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। CSR परियोजनाओं को ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों तक पहुंचाने की जरूरत है ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

सम्मेलन में उद्योग प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया और सतत विकास के लिए साझेदारी को मजबूत बनाने पर चर्चा की।

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