विश्व वन्यजीव दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और सभी से जैव विविधता की रक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह दिवस पृथ्वी को समृद्ध बनाने वाली अद्भुत जीव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने वाले वन्यजीवों का सम्मान करने का अवसर है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को गर्व है कि यहां विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणी पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया के 70 प्रतिशत से अधिक बाघ भारत में पाए जाते हैं, जबकि एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी और एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी भारत में ही है। साथ ही भारत विश्व का एकमात्र ऐसा देश है जहां एशियाई शेरों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिनमें International Big Cat Alliance की स्थापना, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल और स्लॉथ बियर के संरक्षण तथा चीतों के पुनर्वास जैसे प्रयास शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिनमें International Big Cat Alliance की स्थापना, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल और स्लॉथ बियर के संरक्षण तथा चीतों के पुनर्वास जैसे प्रयास शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया—
“निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्।”
उन्होंने कहा कि यह श्लोक प्रकृति में जंगल और वन्यजीवों के परस्पर गहरे संबंध को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X (Twitter) पर पोस्ट करते हुए सभी से वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

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