प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्साह की शक्ति पर संस्कृत सुभाषित साझा किया

Narendra Modi ने सफलता प्राप्त करने में उत्साह और दृढ़ संकल्प के महत्व को रेखांकित करते हुए एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह श्लोक पोस्ट करते हुए बताया कि जीवन में उत्साह सबसे बड़ी शक्ति होती है।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया श्लोक है—
“उत्साहो बलवानार्य नास्त्युत्साहात् परं बलम्।
सोत्साहस्यास्ति लोकेऽस्मिन् न किञ्चिदपि दुर्लभम्॥”

इस सुभाषित का अर्थ है कि उत्साह से बढ़कर कोई शक्ति नहीं होती। जिस व्यक्ति में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा होती है, उसके लिए दुनिया में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। प्रधानमंत्री का यह संदेश युवाओं और समाज के सभी वर्गों को प्रेरित करने वाला माना जा रहा है।

उन्होंने लोगों से जीवन में उत्साह, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान भी किया।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने