दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में जनजातीय समुदायों के बच्चों के पोषण और सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए एनएमडीसी ने एक विशेष समर कैंप की शुरुआत की है। यह ग्रीष्मकालीन शिविर 20 मई से 15 जून 2026 तक जिले के 17 गांवों में आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को गर्मी की छुट्टियों के दौरान रचनात्मक गतिविधियों, खेलकूद और अनुभवात्मक शिक्षण से जोड़ना है।
एनएमडीसी के अनुसार इस समर कैंप में लगभग 1700 बच्चों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में प्रत्येक गांव में प्रतिदिन 30 से 40 बच्चे शिविर में भाग ले रहे हैं। बच्चों को यहां प्रतिदिन तीन से चार घंटे तक पढ़ाई, क्राफ्टवर्क, संगीत कार्यशालाओं और मनोरंजक गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा फ्रिसबी, कबड्डी और खो-खो जैसे खेलों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास हो सके। शिविर के अंत में बच्चों को स्वास्थ्यवर्धक स्वल्पाहार भी दिया जा रहा है।
यह समर कैंप शिक्षा और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्यरत संस्था ‘वोस्का’ (WOSCA) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां रचनात्मक शिक्षण के अवसर सीमित होते हैं, वहां यह पहल बच्चों के आत्मविश्वास और कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
स्थानीय समुदाय, अभिभावकों और बच्चों की ओर से इस पहल को लेकर उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। एनएमडीसी ने आने वाले दिनों में इस कार्यक्रम के और विस्तार की संभावना जताई है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को लाभ मिल सके और उनका भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सके।
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