केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बेंगलुरु में खनन और अन्वेषण से जुड़ी प्रमुख एजेंसियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में लंबित खनन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और भारत की खनिज सुरक्षा को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
इस दौरान भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI), भारतीय खान ब्यूरो (IBM), राष्ट्रीय रॉक मैकेनिक्स संस्थान (NIRM) और रिमोट सेंसिंग एवं एरियल सर्वे विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समीक्षा में दुर्लभ पृथ्वी तत्व (REE), लिथियम, निकेल, कोबाल्ट, टंगस्टन और प्लैटिनम समूह जैसे रणनीतिक खनिजों की खोज और अन्वेषण परियोजनाओं पर विशेष चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में खनन क्षेत्र की अहम भूमिका है। उन्होंने एजेंसियों को स्पष्ट समयसीमा, जवाबदेही और मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए। श्री रेड्डी ने एआई, रिमोट सेंसिंग और भू-स्थानिक तकनीकों के अधिक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि भविष्य का खनिज अन्वेषण पूरी तरह तकनीक आधारित होगा।
बैठक में जीएसआई ने कर्नाटक और गोवा में सोना, तांबा, निकेल और कोबाल्ट युक्त क्षेत्रों की खोज से जुड़ी उपलब्धियां साझा कीं। वहीं भारतीय खान ब्यूरो ने सतत खनन, पर्यावरण सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति क्षमता पर जानकारी दी।
बेंगलुरु दौरे के दौरान जी. किशन रेड्डी ने आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर पहुंचकर गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर से मुलाकात की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
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