NHRC Virtual Meeting: मानवाधिकार उल्लंघन मामलों के त्वरित समाधान पर जोर, राज्यों को डिजिटल सिस्टम से जुड़ने की सलाह

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की एक दिवसीय वर्चुअल बैठक में देशभर के राज्य मानवाधिकार आयोगों (SHRCs), विशेष प्रतिवेदकों और पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता एनएचआरसी के अध्यक्ष Justice V. Ramasubramanian ने की। इस दौरान मानवाधिकार मामलों के त्वरित निस्तारण, डिजिटल समन्वय और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन ने कहा कि मानवाधिकार आयोगों को अपने अधिकार क्षेत्र की स्पष्टता बनाए रखनी चाहिए, ताकि अनावश्यक विवादों से बचा जा सके और पीड़ितों को अधिक प्रभावी न्याय मिल सके। उन्होंने सभी राज्य मानवाधिकार आयोगों से एनएचआरसी के डिजिटल प्लेटफॉर्म “एचआरसीनेट पोर्टल” से जुड़ने की अपील की, जिससे शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके।
एनएचआरसी सदस्य Justice Bidyut Ranjan Sarangi ने कहा कि एनएचआरसी और एसएचआरसी के बीच बेहतर समन्वय से हिरासत में मौत, पुलिस ज्यादती और अन्य संवेदनशील मामलों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। वहीं एनएचआरसी सदस्य Vijaya Bharathi Sayani ने प्रभावित समुदायों तक अधिक पहुंच बनाने और जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।

एनएचआरसी महासचिव Bharat Lal ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में आयोग को 4.28 लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें पुलिस उत्पीड़न, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन, जेलों की खराब स्थिति और श्रमिकों के शोषण से जुड़े मामले प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस और जमीनी स्तर पर निगरानी से मानवाधिकार संरक्षण को अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
बैठक में जेल सुधार, बाल संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति, दिव्यांग अधिकार, पर्यावरणीय न्याय और कमजोर वर्गों के पुनर्वास जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। आयोग ने राज्यों को मानवाधिकार संस्थाओं की क्षमता बढ़ाने, शिकायत निवारण प्रणाली मजबूत करने और जनजागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की सलाह दी।

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