राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में ई-जागृति को रजत सम्मान, 90% से अधिक उपभोक्ता शिकायतों का हुआ निस्तारण

उपभोक्ता मामलों के विभाग के डिजिटल प्लेटफॉर्म **ई-जागृति** को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में रजत पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान डिजिटल परिवर्तन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग द्वारा सरकारी प्रक्रिया पुनर्गठन श्रेणी में 341 नामांकनों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया।
1 जनवरी 2025 को शुरू किए गए ई-जागृति प्लेटफॉर्म ने उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली में बड़ा बदलाव लाया है। यह प्लेटफॉर्म चार अलग-अलग प्रणालियों को एकीकृत कर एआई-सक्षम और पेपरलेस व्यवस्था उपलब्ध कराता है। अब तक इस पोर्टल पर 2.29 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 2.07 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। प्लेटफॉर्म ने 90.75 प्रतिशत की प्रभावशाली निपटान दर दर्ज की है।

ई-जागृति के माध्यम से उपभोक्ता देश और विदेश में कहीं से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं, मामलों की स्थिति की निगरानी कर सकते हैं और वर्चुअल सुनवाई में भाग ले सकते हैं। पोर्टल में एआई चैटबॉट, बहुभाषी सुविधा, ऑनलाइन भुगतान, एसएमएस और ईमेल अलर्ट जैसी आधुनिक सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उपभोक्ता आयोगों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। निपटान दर बढ़कर 92.30 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि वर्चुअल सुनवाई और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों के समाधान में भी बड़ी वृद्धि हुई।

सरकार का मानना है कि ई-जागृति उपभोक्ताओं को तेज, पारदर्शी और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उपलब्धि डिजिटल इंडिया और सुशासन के क्षेत्र में देश की बढ़ती क्षमता को भी दर्शाती है।

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