*नई दिल्ली।* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महर्षि पतंजलि को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए योग की महत्ता को प्रतिपादित करने वाला एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने कहा कि योग का नियमित अभ्यास शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखता है तथा जीवन में संतुलन और ऊर्जा का संचार करता है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनता है। इस अवसर पर उन्होंने महर्षि पतंजलि को समर्पित प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक भी साझा किया।
“योगेन चित्तस्य पदेन वाचां
मलं शरीरस्य च वैद्यकेन।
योऽपाकरोत् तं प्रवरं मुनीनां
पतञ्जलिं प्राञ्जलिरानतोऽस्मि॥”
प्रधानमंत्री ने श्लोक का भावार्थ बताते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग के माध्यम से मन की, व्याकरण के माध्यम से वाणी की तथा आयुर्वेद के माध्यम से शरीर की अशुद्धियों को दूर करने का मार्ग दिखाया। उन्होंने महर्षि पतंजलि को ऋषियों में श्रेष्ठ बताते हुए उन्हें सादर नमन किया।
प्रधानमंत्री का यह संदेश आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संदर्भ में भी योग के प्रति जागरूकता और उसके व्यापक लाभों को रेखांकित करता है।
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