पीएम मोदी ने ‘सेवा यात्रा’ के यात्रियों से किया संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प देश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और योगदान से ही साकार होगा। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी से वडनगर जा रहे ‘सेवा यात्रा’ में शामिल यात्रियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों के अनुभव सुने और सेवा भावना को देश के विकास से जोड़ते हुए युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।

वाराणसी से वडनगर तक सेवा यात्रा

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह यात्रा वाराणसी से शुरू होकर गुजरात के वडनगर तक जा रही है। यात्रा में शामिल लोग सेवा से जुड़े विभिन्न अनुभवों और गतिविधियों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यात्रियों से बातचीत के दौरान कहा कि इस तरह की यात्राएं समाज में सेवा, सहभागिता और सकारात्मक सोच को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रधानमंत्री ने वडनगर और काशी से जुड़े अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि वडनगर ने उन्हें जीवन को दिशा देने वाले संस्कार दिए, जबकि काशी ने उन संस्कारों को सेवा के अनेक रंगों से जोड़ा। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि युवा भी सेवा के अलग-अलग अनुभवों के साथ इस यात्रा को समृद्ध कर रहे हैं।

गांवों और शहरों के बीच कम हुआ अंतर

प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में देश में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि शहरों और गांवों के बीच का अंतर काफी कम हुआ है। उनके अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है और महिलाओं के बीच आत्मनिर्भरता भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि विकास केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से आगे बढ़ता है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का योगदान विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है।

पीएम मोदी ने सेवा यात्रा के यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद


पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सात सिद्धांतों का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर उनके विचारों को भी याद किया। उन्होंने सेवा, संतुलन, धैर्य, समन्वय, सकारात्मकता, संवेदनशीलता और संवाद को जीवन में अपनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सेवा भाव के साथ समाज के लिए काम करना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इन सिद्धांतों को अपनाकर सामाजिक सहभागिता और जनसेवा को मजबूत किया जा सकता है।

यात्रियों से डायरी में अनुभव लिखने की अपील

संवाद के दौरान सेवा यात्रा में शामिल यात्रियों ने प्रधानमंत्री के साथ यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने यात्रियों से आग्रह किया कि वे यात्रा के दौरान मिलने वाले अनुभवों, लोगों और सेवा कार्यों से जुड़ी यादों को अपनी डायरी में दर्ज करें। उन्होंने कहा कि यात्रा के अनुभव भविष्य में प्रेरणा का माध्यम बन सकते हैं। युवाओं की भागीदारी को सेवा अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए प्रधानमंत्री ने सेवा, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

इस संवाद के दौरान सेवा भावना, सामाजिक भागीदारी और विकसित भारत के लक्ष्य को प्रमुखता से सामने रखा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है और सामूहिक प्रयासों से ही विकसित भारत के संकल्प को गति दी जा सकती है।

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