प्रयागराज। कीडगंज स्थित श्री ज्ञान पुस्तकालय के प्रांगण में प्राचीन श्री दधिकांदो मेला कमेटी कृष्णानगर त्रिवेणी मार्ग की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कथा के दौरान पूज्य बटुक महाराज ने श्रीमद्भागवत के महत्व और पितृपक्ष में इसके श्रवण की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
बटुक महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मृत्यु को भी महोत्सव में बदलने का संदेश देती है। इसके श्रवण से मनुष्य को सत्य का बोध होता है और मृत्यु के भय से मुक्त होने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि जीवन की वास्तविकता को समझने और आध्यात्मिक दृष्टि विकसित करने में भागवत कथा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कथा के तीसरे दिन देवहूति-कपिल संवाद का प्रसंग सुनाया गया। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मज्ञान, भक्ति और जीवन के उद्देश्य से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही सती चरित्र का भी वर्णन किया गया। कथा के दौरान प्रसंगों के माध्यम से भक्तों को धर्म, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
पितृपक्ष के दौरान आयोजित इस कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और कथा का श्रवण किया। आयोजन स्थल पर धार्मिक वातावरण बना रहा। कथा के अंत में विधिवत आरती की गई।
आरती में भाजपा जिला प्रभारी राकेश त्रिवेदी, महापौर गणेश केसरवानी, पूर्व पार्षद सविता केसरवानी, राजेश केसरवानी, डॉ. एल.एस. ओक्षा, राबिन साहू, पप्पू केसरवानी, सुभाष चंद्र वैश्य सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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