नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत ऊर्जा क्षेत्र में अपार अवसरों का देश बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल ऊर्जा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा स्वतंत्रता के मिशन की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश का ऊर्जा क्षेत्र भारत की आकांक्षाओं के केंद्र में है और इसमें लगभग 500 अरब डॉलर के निवेश के अवसर मौजूद हैं। इसी कारण ‘मेक इन इंडिया’, ‘इनोवेट इन इंडिया’, ‘स्केल विद इंडिया’ और ‘इन्वेस्ट इन इंडिया’ जैसे अभियानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत से भारत के ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय और सहयोग का एक उल्लेखनीय उदाहरण है। यह समझौता ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और निवेश के क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूती देगा।
उन्होंने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, बायो-एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की नीतियां ऊर्जा संक्रमण को गति देने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 न केवल ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और निवेश को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत को वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व की दिशा में एक नई पहचान भी दिलाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के लिए एक विश्वसनीय और मजबूत साझेदार बनकर उभरेगा।
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