ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया स्वदेशी रक्षा प्रणालियों की ताकत, डीआरडीओ आत्मनिर्भर भारत की धुरी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट रूप से सिद्ध कर दिया है कि स्वदेशी रक्षा प्रणालियां भारत की परिचालन तत्परता और युद्धक्षमता को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता अब केवल एक नीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सोच बन चुकी है, और इसे साकार करने में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित डीआरडीओ के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्धक्षेत्र में डीआरडीओ द्वारा विकसित तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया गया। इससे यह सिद्ध हुआ कि स्वदेशीकरण के प्रयासों के कारण रक्षा क्षेत्र में तेज़ और सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के दौर में केवल ‘योग्यतम की उत्तरजीविता’ पर्याप्त नहीं है, बल्कि ‘सबसे तेज़ की उत्तरजीविता’ के सिद्धांत पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने अनुसंधान से लेकर प्रोटोटाइप, परीक्षण और अंततः तैनाती तक की प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर तैनाती ही किसी भी रक्षा प्रणाली की सफलता का सबसे अहम मापदंड होना चाहिए।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए डीआरडीओ को सार्वजनिक और निजी क्षेत्र, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करना होगा। इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और भारत वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरेगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डीआरडीओ के वैज्ञानिकों की प्रतिबद्धता और नवाचार क्षमता भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

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