नई दिल्ली। देश में खनिज अन्वेषण को सुदृढ़ बनाने और दीर्घकालिक खनिज सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खान मंत्रालय 12 फरवरी, 2026 को अन्वेषण लाइसेंस (ईएल) ब्लॉकों की नीलामी के दूसरे चरण का औपचारिक शुभारंभ करेगा। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट (सीएसओआई) में आयोजित होगा।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की उपस्थिति में होने वाले इस कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और अन्य हितधारक शामिल होंगे।
मंत्रालय ने बताया कि यह पहल महत्वपूर्ण और गहराई में स्थित खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक व व्यवस्थित दोहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। इस अवसर पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के नेक्स्ट जेनरेशन डिजिटल पोर्टल का भी अनावरण किया जाएगा, जो डेटा संग्रह, विश्लेषण और विजुअलाइजेशन के लिए क्लाउड आधारित एकीकृत मंच उपलब्ध कराएगा। एआई और मशीन लर्निंग आधारित यह पोर्टल राष्ट्रीय भूविज्ञान डेटा भंडार से जुड़ा होगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
कार्यक्रम के तहत अन्वेषण लाइसेंस ढांचे, नीलामी प्रक्रिया और निवेशकों को मिलने वाले प्रोत्साहनों पर रोडशो आयोजित किया जाएगा। एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से ई-नीलामी, नियमों और राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एनएमईटी) योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। एनएमईटी योजना के तहत पात्र अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी है।
उल्लेखनीय है कि पहले चरण में दुर्लभ मृदा तत्व, जस्ता, हीरा, तांबा और प्लैटिनम समूह जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के 13 ब्लॉकों की नीलामी की गई थी, जिसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी।
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