डाकघर बचत योजनाएं पूरी तरह डिजिटल, 45 करोड़ खाताधारकों को मिल रहीं ऑनलाइन सेवाएं

नई दिल्ली। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि डाक विभाग देशभर में 1.64 लाख से अधिक डाकघरों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से 45 करोड़ से अधिक डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी) खाताधारकों को सेवाएं प्रदान कर रहा है।

उन्होंने कहा कि डाकघर बचत योजनाओं के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के तहत कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) लागू किया गया है, जिसके जरिए एटीएम, इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन खाता खोलने व बंद करने, जमा, रियल-टाइम बैलेंस की जानकारी, एनईएफटी/आरटीजीएस से धन हस्तांतरण तथा आईपीपीबी-पीओएसए लिंकेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

इसके अतिरिक्त इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) ग्राहकों को बचत व चालू खाते, वर्चुअल डेबिट कार्ड, घरेलू धन हस्तांतरण, बिल भुगतान, बीमा सेवाएं, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली तथा आधार में मोबाइल नंबर अपडेट जैसी अनेक डिजिटल सेवाएं प्रदान कर रहा है।

मंत्री ने बताया कि इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी), किसान विकास पत्र (केवीपी) और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) के तहत भी लेनदेन संभव हो गया है। इन पहलों से ग्राहकों की सुविधा बढ़ी है, पारदर्शिता आई है और वित्तीय समावेशन को मजबूती मिली है। वर्तमान में सभी डाकघर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्य कर रहे हैं।

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