IIM रांची दीक्षांत समारोह: उपराष्ट्रपति बोले – सफलता से पहले चरित्र और उद्देश्य को चुनें

उपराष्ट्रपति . P. Radhakrishnan ने झारखंड के Indian Institute of Management Ranchi (IIMt रांची) के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए छात्रों को ईमानदारी, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के साथ नेतृत्व करने का संदेश दिया।
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रबंधन शिक्षा को केवल बोर्डरूम और बैलेंस शीट तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज की वास्तविक चुनौतियों को समझते हुए समाधान प्रदान करना चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे सफलता को केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अपने मूल्यों और नैतिकता से मापें।

उन्होंने जोर देकर कहा कि “शॉर्टकट की बजाय चरित्र और लाभ की बजाय उद्देश्य को चुनना चाहिए”, क्योंकि यही स्थायी सफलता की असली पहचान है। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान करते हुए “वैश्विक सोच और स्थानीय कार्य” की नीति अपनाने पर बल दिया।
इस मौके पर झारखंड के राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar, राज्यसभा के उपसभापति Harivansh Narayan Singh, केंद्रीय मंत्री Sanjay Seth सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

कार्यक्रम से पहले उपराष्ट्रपति ने Ulihatu गांव में महान स्वतंत्रता सेनानी Birsa Munda के जन्मस्थान पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने