नाबालिग की बरामदगी के नाम पर ठगी का आरोप, थाना प्रभारी बताकर खाते में डलवाए 50 हजार रुपये

कौशांबी। सैनी क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नाबालिग किशोरी की बरामदगी के नाम पर एक युवक ने खुद को थाना प्रभारी बताकर पीड़ित परिवार से 50 हजार रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने विश्वास में लेकर स्कैनर के माध्यम से रकम अपने खाते में डलवा ली।

जानकारी के अनुसार, सैनी क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग किशोरी कुछ दिन पहले अपने ससुराल गांव से अचानक लापता हो गई थी। किशोरी के लापता होने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया और उसकी तलाश शुरू की गई। इसी दौरान एक युवक ने खुद को थाना प्रभारी बताते हुए पीड़ित परिवार से संपर्क किया और दावा किया कि वह लड़की को बरामद करवा देगा।

आरोप है कि युवक ने बातचीत के दौरान भरोसा दिलाया कि पुलिस कार्रवाई चल रही है और बरामदगी के लिए कुछ खर्च की आवश्यकता है। उसने एक नंबर भेजकर स्कैनर के जरिए खाते में रुपये डलवाने को कहा। पीड़ित के अनुसार, 26 अक्टूबर 2025 को फोन पर बातचीत के बाद 50 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।

बाद में जब पीड़ित ने दिए गए नंबर पर दोबारा संपर्क किया तो संदेह गहराने लगा। पूछताछ में आरोपी ने खुद को थाना प्रभारी राजीव यादव बताया, लेकिन जांच में यह जानकारी गलत निकली। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने मामले की शिकायत एसपी राजेश कुमार से की।

एसपी के निर्देश पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खाते और मोबाइल नंबर की जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्वयं को पुलिस अधिकारी बताने वाले लोगों पर विश्वास न करें और किसी भी तरह की रकम ट्रांसफर करने से पहले स्थानीय पुलिस से पुष्टि अवश्य करें।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने